30/01/2016

योनि की खुजली ,जलन मिटाने के उपचार

योनि में खुजली होना महिलाओं की प्रमुख समस्या है। वैसे तो अधिकांश महिलाएं इस बारे में खुल कर बात नहीं करती मगर जब यह दिक्कत असहनीय बन जाती है तब जा कर कुछ महिलाएं अपना मुंह खोलती हैं। योनि खुजली योनि की बाहरी त्वचा पर खरोंचने की इच्छा को कहते हैं यह एक कष्टप्रद समस्या है। यह महिलाओं के लिए एक चिंताजनक समस्या है, खासकर अगर यह जीर्ण (क्रोनिक) रूप में होती है, और यह बहुत बड़ी असुविधा का कारण बन सकती है।योनि में खुजली होने के कई कारण हो सकते हैं, इन कारणों में खमीर संक्रमण (यीस्ट इन्फेक्शन) होना, रोजाना सफाई-धुलाई न करने से अस्वच्छता का होना या फिर किसी एलर्जी के कारण हो सकता है। सेक्स , आधुक मात्रा मे चीनी के सेवन, एंटीबॉयोटिक्‍स या फिर कमजोर ईम्यून सिस्टम की वजह से योनि में खमीर की संख्‍या बढ जाती है। यहां तक कि जो आप सुगंधित बॉडी वॉश का प्रयोग करती हैं वह भी योनि के पीएच लेवल को बिगाड़ सकती है।
यदि यूनीन के दौरान जलन होती है, तो उसका मतलब है कि संक्रमण बढ़ चुका है, लिहाजा ऐसे में डॉक्‍टर से सलाह लेने में देर मत करें। इस संक्रमण के पैदा होने से गंध भी आती है।
1. इसे ठीक करने के लिये आप दवाइयां या जैल का प्रयोग कर सकती हैं जो योनि को जलन से राहत दिलाएगें।यीष्ट यानी खमीर को मीठा बहुत पसंद है इसलिये इस दौरान कुछ भी मीठा न खाएं नहीं तो योनि में इनकी संख्‍या बढ सकती है। इसके अलावा मैदे का भी सेवन बिल्‍कुल बंद कर दें।
2. नीम के पत्तों को पानी में उबालकर उसी पानी से योनि की सफाई करें। नारियल के तेल में कपूर मिलाकर योनि पर लगाने से भी खुजली दूर होती है।
3. हमेशा कॉटन की अंडरवियर पहने , जिससे कि वह जल्‍दी सूख जाए। इसके अलावा इसे दिन में दो बार चेंज भी करें।
4. एलर्जी प्रतिक्रिया से भी परेशानी पैदा हो सकती हैं। कोई भी तेज गंध वाला परफ्यूम, लोशन या साबुन का प्रयोग न करें। कुछ कपड़े जैसे पोलिस्‍टर से भी आपको एलर्जी हो सकती है, इसलिये इससे दूरी बनाए रखें।
योनी में खुजली होना या फिर उसमें जलन होना बहुत ही पेरशानी भरा होता है। और अगर योनी में खुजली ना हो रही हो और तब भी पेरशानी हो तो समझ जाइये कि यह कोई इंफेक्‍शन है। ये बात हमेशा बताई जाती है कि हमें कभी भी अपने प्राइवेट पार्ट की पेरशानियों को हल्‍के में नहीं लेना चाहिये क्‍योंकि आगे चल कर वह बड़ा रूप ले लेती हैं। योनी में जलन होने के कई कारण हो सकते हैं जैसे, यौन रोग, रजोनिवृत्ति, संक्रमण, रसायन या फिर गंदे बाथरूम या टॉयलेट सीट के संक्रमण के कारण। योनी में जलन तब भी होती है जब आप पर्याप्त पानी नहीं पीतीं। शरीर में पर्याप्त मात्रा में पानी न होने के कारण पेशाब का बनना भी कम हो जाता है। जिससे योनी का खुश्क होना सामान्य सी बात है। जिसके कारण योनी में जलन होता है। तो कोशिश करें कि ज्‍यादा से ज्‍यादा मात्रा में पानी पीयें और फ्रूट जूस आदि का सेवन करें। आइये जानते हैं कि योनी की जलन को प्राकृतिक रूप से कैसे ठीक कर सकते हैं।
योनी की जलन मिटाने के लिए उपयोगी पेय-
1. दूध-दही: ठंडा या गरम दूध, मिल्‍क शेक या कटोरी भर दही खाएं। ऐसा करने से हफ्ते भर में ही योनि की जलन कम हो जाएगी।
2. फल का रस: ऐसे फलों का रस पीना चाहिये जिसमें विटामिन सी भरा हो। ऐसे में आपको संतरा, अंगूर, अनानास और मुसंबी आदि पीना चाहिये।
3. सब्‍जियों का रस: ताजी सब्जियों से निकाले गए रस से भी काफी फायदा होता है। आपको खीरे, टमाटर, आलू को नींबू और लहसुन का रस मिला कर पीना चाहिये। इससे योनि की जलन में तुरंत ही राहत मिल जाती है। इससे मिलने वाला पोटैशियम और विटामिन सी आपको जलन से छुटकारा दिलाएगा।
4. ठंडा पानी: पानी सबसे स्वास्थ्य वर्धक पेय होता है। इसे सबसे अच्‍छा तरीका पीने का है कि ठंडे पानी में थौड़ी सी लहसुन या फिर आधा चम्मच नींबू का रस और चुटकी भर नमक डाल लें। इसे मिलाएं और गटक जाएं।

25/12/2015

सेक्स पावर बढ़ाने के घरेलू उपचार


गोखरू-
तालमखाने के बीज, गोखरू, शुद्ध कौंच के बीज, शतावरी, कंघी का जड़ तथा नागबला- इन सबको बराबर-बराबर की मात्रा में ले लें। इनको लेकर कूट-पीसकर इनका चूर्ण बनाकर रख लें। रात के समय में इस चूर्ण की 6 ग्राम की मात्रा को दूध के साथ प्रयोग करें। इस चूर्ण का सेवन करने से पुरुष की सेक्स क्षमता की कमजोरी दूर हो जाती है
काले तिल-
6 ग्राम गोखरू का चूर्ण और काले तिल 10 ग्राम को बराबर मात्रा में लेकर इसे 250 मिलीलीटर बकरी के दूध में उबालकर तथा उसे ठंडा करके शहद को मिलाकर खाना चाहिए। इसका सेवन करने से हस्त मेथुन से यौन क्रिया में आई कमजोरी भी समाप्त हो जाती है।
उदड़ की दाल-
घी के साथ उड़द की दाल को भूनकर और इसके अंदर दूध को मिलाकर तथा अच्छी तरह से पकाकर इसकी खीर तैयार कर लें। इसके बाद इसमें चीनी या खांड मिलाकर इसका इस्तेमाल करने से वीर्य का उत्पादन बढ़ जाता है| संभोग करने की शक्ति भी बढ़ जाती है।
इमली के बीज-
10 ग्राम इमली के बीजों को लेकर उन बीजों को पानी में भिगोकर 4-5 दिनों के लिए रख दें तथा पाचवें दिन उन बीजों का छिलका उतारकर उनका वजन करके देखें। उनका वजन करने के बाद उनके वजन से दुगुना पुराने गुड़ को लेकर उन बीजों में मिलाकर रख दें। इसके बाद इन्हें बारीक पीसकर अच्छी तरह से घोट लें। तत्पश्चात इस मिश्रण की चने के बराबर बारीक-बारीक गोलियां बना लें। सेक्स क्रिया शुरू करने के 1 से 2 घंटे पहले दो गोलियों को खा लें। इसका सेवन करने से सेक्स शक्ति में अजीब की शक्ति आ जाती है।
शतावरी का चूर्ण-
शतावरी के चूर्ण 20 ग्राम को 150 मिलीलीटर गाय के दूध के साथ मिलाकर 600 मिलीलीटर पानी के अंदर उबाल लें। उसके बाद केवल दूध बाकी रह जाने पर इसे आंच से नीचे उतारकर इसके अंदर चीनी या खांड मिलाकर इस दूध को पीने से सेक्स करने की शक्ति बढ़ जाती है तथा शिश्न (लिंग) में भी बहुत अधिक उत्तेजना आ जाती है।
आंवला-
100 ग्राम आंवले के चूर्ण को लेकर आंवले के रस में 7 बार भिगों लें इसके बाद इसे छाया में सूखने के लिए रख दें। इसके सूख जाने के बाद इसको इमामदस्ते से कूट-पीसकर रख लें। रोजाना इस चूर्ण को एक चम्मच (लगभग 5 ग्राम की मात्रा में) लेकर शहद के साथ मिलाकर चाट लें तथा इसके ऊपर से एक गिलास दूध पी लें। इसके सेवन करने से संभोग क्रिया में अजीब की शक्ति प्राप्त होती है।
सेमल की जड़-
5 मिलीलीटर से 10 मिलीलीटर के आसपास पुराने सेमल की जड़ का रस निकालकर व इसका काढ़ा बना लें तथा इसके अंदर चीनी मिला लें। इस मिश्रण को 7 दिनों तक पीने से वीर्य की बहुत ही अधिक बढ़ोत्तरी होती है।
विदारीकंद-
6 ग्राम विदारीकन्द के चूर्ण में चीनी व घी मिला लें। इस चूर्ण को खाने के बाद इसके ऊपर से दूध पीने से वृद्ध पुरुष की भी संभोग करने की क्षमता वापस लौट आती है।
भोजन-
सर्दी के दिनों में गाय के दूध में मिश्री मिलाकर पीने से सेक्स करने की कमजोरी दूर हो जाती है।
मलाई व मिश्री मिलाकर खीर का सेवन करने से यौन दुर्बलता की समस्या दूर हो जाती है।
उड़द की दाल व बादाम का हलुवा खाने से यौन शक्ति की कमजोरी दूर हो जाती है।
छुहारे मिलाकर उबाला हुआ दूध पीना चाहिए।
गाय के घी का प्रयोग करना चाहिए।
गोंद के लड्डू तथा तिल के लड्डू को खाने से संभोग करने में आई कमजोरी दूर हो जाती है।
जड़ी-बूटियां-
कौंच के बीज, विदारीकंद, सफेद मूसली, अश्वगंधा, गोखरू, नागबला, शतावरी, आंवला, तुलसी की जड़ तथा अकरकरा आदि आयुर्वेदिक ताकत को बढ़ाने वाली शक्तिशाली जड़ी-बूटियां है। इन औषधियों का कैसे तथा किस तरह से प्रयोग किया जाए इसके विषय में किसी आयुर्वेदिक चिकित्सक से ही सलाह लेनी चाहिए।
कौंच के बीज-
तालमखाने तथा शुद्ध कौंच के बीज के चूर्ण को बराबर-बराबर मात्रा में लेकर इसके अंदर दुगुनी मिश्री मिलाकर इसका चूर्ण बनाकर रख लें। रोजाना के समय में 2 चम्मच चूर्ण (लगभग 10 ग्राम के आसपास) को ताजे दूध के साथ मिलाकर खाने से सेक्स क्रिया करने की शक्ति सें आई कमजोरी भी नष्ट हो जाती है।
असगंध-
500 ग्राम विधारा और 500 ग्राम असगंध- इन दोनों को ले लें। फिर इसे अच्छी तरह से कूट-पीसकर तथा इसे छानकर रख लें। सुबह के समय रोजाना इस चूर्ण को 2 चम्मच खा लें। उसके बाद ऊपर से मिश्री मिला हुआ गर्म-गर्म दूध को पी लें। इस चूर्ण का इस्तेमाल करने से बुजुर्ग व्यक्ति भी जवानों के समान संभोग करने में निपुण हो जाता है।
वीर्य को बढ़ाने वाले तथा संभोग करने की कमजोरी को दूर करने वाले पदार्थ एवं भोजनः-
अगर हम इन पदार्थों का इस्तेमाल रोजाना तथा ठंड (सर्दी) के मौसम में करें तो संभोग करने की कमजोरी पैदा नहीं होती है। वे कुछ उपाय इस प्रकार से हैं-
सूखे मेवे-
रात के समय में 4-5 पीस बादाम को भिगोकर, 2 से 4 पीस अंजीर, नारियल की गिरी, छुहारे, तालमखाना. चिलगोजे, पिस्ता तथा 8-10 पीस मुनक्का, इसमें से किसी भी एक चीज का प्रयोग अपनी शक्ति के अनुसार करने से सेक्स क्षमता में आई कमजोरी दूर हो जाती है।
फल-
चीकू, केला, मीठा अनार, आम, कच्चा नारियल एवं ताजे फलों का रस सेवन मौसम के अनुसार सेवन करने से यौन की दुर्बलता दूर हो जाती है।
अंकुरित अनाज-
अंकुरित गेहूं, अंकुरित मूंगफली, अंकुरित मूंग इनमें से किसी भी एक पदार्थ का भोजन के साथ या भोजन के बगैर अच्छी तरह से चबा-चबाकर प्रयोग करने से भी सेक्स क्रिया करते समय होने वाली कमजोरी दूर हो जाती है।
अन्य पदार्थ-
कैसर और दालचीनी का प्रयोग करने से भी यौन की दुर्बलता दूर हो जाती है।


16/11/2015

गर्भ धारण करने के उपाय Tips to get pregnant


गर्भवती होने के लिए कब सेक्स करें-
1) गर्भवती होने के लिए सिर्फ सेक्स जरूरी नहीं जरूरी है सही समय पर सेक्स।
2) गर्भवती होने के लिए सेक्स का कोई निर्धारित समय नहीं है।
3) महिलाएं जब ओर्गास्म प्राप्त कर लेती है तो गर्भधारण की संभावना बढ़ जाती है।
गर्भवती होने के लिए सेक्स जितना जरूरी है उतना ही इस बात का ज्ञान होना कि सेक्स
कब किया जाए। इस तथ्य को नजरअंदाज करने से कई बार गर्भधारण करने में परेशानी
भी आती है। आइए जानें कि माह में किस समय सेक्स करने से गर्भधारण की संभावना
काफी अधिक होती है। पुरुष के शुक्राणु का साथी महिला के गर्भ में जाने से गर्भधारण होता है। महिला के अंडाणु से शुक्राणु का मेल होना और निषेचन की क्रिया का होना ही गर्भधारण है।
यूं तो गर्भधारण न कर पानेके पीछे कई कारण हो सकते हैं। इनमें शारीरिक और मानसिक दोनों तरह के कारण हो सकते हैं। इन कारणों के पीछे अधिकतर ज्ञान और जानकारी का अभाव होता है। लेकिन, इन सबकारणों के अतिरिक्त एक अन्य कारण भी होता है जिसका असर महिलाओं की गर्भधारण की क्षमता पर पड़ता है, और वह कारण है सही समय पर सेक्स न करना। अधिकतर जोड़े इस बात से अंजान होते हैं कि गर्भधारण में सेक्स की 'टाइमिंग' बहत मायने रखती है।
समय पर सहवास-
गर्भवती होने के लिए सिर्फ सहवास करना जरूरी नहीं होता बल्कि सही समय पर सहवास
करना भी मायने रखता है। यह बात ध्यान देने योग्य है कि पुरुष के शुक्राणु हमेशा लगभग एक जैसे ही होते हैं, जो महिला को गर्भवती कर सकते हैं। लेकिन महिला का शरीर ऐसा नहीं होता जो कभी भी गर्भवती हो सके। उसका एक निश्चित समय होता है, एक छोटी सी अवधि होतीहै। यदि आप उस अवधि को पहचान कर उस समय सहवास करते हैं तो गर्भधारण की संभावना आश्चर्यजनक रूप से बढ़ जाती है।
एक मत यह है कि 28 दिन के मासिक धर्म के साइकिल में 14वें दिन ओवुलेशन का है जो
पीरियड शुरू होनेके बाद से गिना जाता है, इस दौरान 12 से 18 दिन के बीच में सेक्स करने से गर्भ ठहरता है।'प्रेग्नेंट होने के लिए सेक्स का कोई विशेष दिन नहीं होता, नियमित सेक्स लाइफ में भरोसा रखिए और बेबी प्लानिंग के तीन महीने पहले से फोलिक एसिड के टेबलेट जरूर खाती रहें।'
ओवुलेशन साइकिल-
ऋतुचक्र या पीरियड्स के सात दिन बाद ओवुलेशन साइकिल शुरू होती है, और
यह माहवारी या पीरियड्स के शुरू होने से सात दिन पहले तक रहती है। ओवुलेशन पीरियड ही वह समय होता है, जिसमें कि महिला गर्भधारण कर सकती है और इस स्थिति को फर्टाइल स्टेज भी कहते हैं। गर्भधारण के लिए, जब भी सेक्स करें तो ओवुलेशन पीरियड में ही करें।अपनी ओवुलेशन साइकिल का पता लगायें। इसके लिए आप चिकित्सक से संपर्क भी कर सकते हैं।
र्गास्म-
पुरुष सिर्फ अपनी संतुष्टि का खयाल रखते हैं और अपनी पत्नी की कमोत्तेजना को तवज्जो नहीं देते। ऐसी स्त्रियों को गर्भधारण करने में मुश्किलें आती हैं। अगर स्त्री सहवास के वक्त ओर्गास्म प्राप्त कर लेती है तो गर्भधारण की संभावना काफी हद तक बढ़ जाती है। क्योंकि तब पुरुष के शुक्राणु को सही जगह जाने का समय और माहौल मिलता है तथा शुक्राणु ज्यादा समय तक जीवित रहते हैं।
सुबह का समय-
गर्भधारण के लिए सेक्स का समय सुबह का होना चाहिए क्योंकि सुबह के समय आप तरो-ताजा़ रहते हैं।जिन महिलाओं में रेगुलर पीरियड हो वे प्रेगनेंट होने के लिए पीरियड के बाद दस दिन के अंतराल में सेक्स करें, इससे प्रेगनेंट होने की संभावना ज्यादा होती है औरजिनमें में अनियमित पीरियड हो वे प्रेगनेंसी के लिए पीरियड के साइकिल में नियमित अंतराल (साइकिल के दौरान 20 दिन के बीच) पर सेक्स करें।
पीरियडस के दौरान सेक्स-
जब आप गर्भधारण करने का सोच रहे है तो इस बात सावधानी बरतें कि कभी भी
पीरियडस के दौरान सेक्स ना करें।
*गर्भ धारण करने या गर्भ की स्थापना के लिए यहाँ मैं कुछ आयुर्वेदिक नुस्खे लिख
रहा हूँ -
1) एक चम्मच असगंध का चूर्ण एक चम्मच देशी घी के साथ मिलाकर मिश्री मिले
दूध के साथ मासिक धर्म के 6 ठे दिन से पूरे माह पीने से गर्भाशयके दोष दूर होकर
स्त्री को गर्भ ठहर जाता है|
2) अशोक के फूल नियमित रूप से दही के साथ मासिक धर्म के 6 ठे दिन से 2 हफ्ते
तक लेते रहने से स्त्री को गर्भ स्थापा हो जाता है|
3) अपामार्ग की जड़ का चूर्ण मासिक के बाद 21 दिन तक दूध के साथ लेते
रहने से स्त्री के गर्भवती होने के चांस बढ़ जाते हैं|
4) पीपल के सूखे फलों का चूर्ण आधा चम्मच कच्चे दूध से मासिक धर्म शुरू
होने के पांचवे दिन से दो हफ्ते तक सुबह शाम लेने से गर्भाधान के अवसर
बढ़ते हैं| गर्भ न टिके तो आने वाले महीनों मे भी यही उपाय करें|
5) तीन ग्राम गोरोचन, १० ग्राम असगंध, १० ग्राम गजपीपरी तीनों
को बारीक पीसकर चूर्णं बनाएं। फिर पीरिएड के चौथे दिन से निरंतर
पांच दिनों तक इसे दूध के साथ पिएं।
6) महिलाओं को शतावरी चूर्णं घी – दूध में मिलाकर खिलाने से गर्भाशय
की सारी विकृतियां दूर हो जाएंगीं और वे गर्भधारण के योग्‍य होगी।
7) १० ग्राम पीपल की ताज़ी कोंपल जटा जौकुट करके ५०० मि.ली. दूध
में पकाएं।जब वह मात्र २०० मि.ली. बचे तो उतारकर छान लें। फिर इसमें
चीनी और शहद मिलाकर पीरिएड होने के ५वें या ६ठे दिन से खाना शुरू कर दें।
यह बहुत अच्‍छी औषधि मानी जाती है।
बांझपन की चिकत्सा-
१) सेमल की जड़ पीसकर ढाई सौ ग्राम पानी में पकाएं और फिर इसे छान
लें। मासिक धर्म के बाद चार दिन तक इसका सेवन करें।
२) ५० ग्राम गुलकंद में २० ग्राम सौंफ मिलाकर चबाकर खाएं और ऊपर
से एक ग्‍लास दूध नियमित रूप से पिएं। इससे आपको बांझपन से मुक्ति
मिल सकती है।
३) गुप्‍तांगों की साफ सफाई पर विशेष ध्‍यान दें। खाने में जौ, मूंग, घी,
करेला,शालि चावल, परवल, मूली, तिल का तेल, सहिजन आदि जरूर
शामिल करें।
४) पलाश का एक पत्‍ता गाय के दूध में औटाएं और उसे छानकर पिएं।
मासिक धर्म के बाद से पीना शुरू करें और ७ दिनों तक प्रयोग करें।
५) पीपल के सूखे फलों का चूर्णं बनाकर रख लें। मासिक धर्म के बाद
५ – १० ग्राम चूर्णं खाकर ऊपर से कच्‍चा दूध पिएं। यह प्रयोग नियमित
रूप से १४ दिन तक करें।
६) मासिक धर्म के बाद से एक सप्‍ताह तक २ ग्राम नागकेसर के चूर्णं
को दूध के साथ सेवन करें। आपको फायदा होगा।
७) ५ ग्राम त्रिफलाधृत सुबह शाम सेवन करने से गर्भाशय की शुद्धि
होती है। जिससे महिला गर्भधारण करने के योग्‍य हो जाती है।
बांझपन पर विशेष जानकारी-
1) स्त्री को गर्भधारण कराने केलिए उसकी योनि के स्नायु स्वस्थ हो इसके लिए स्त्री
का सही आहार, उचित श्रम एवं तनाव रहित होना जरूरी है तभी स्त्री गर्भवती हो सकती है|
2) स्त्री को गर्भधारण करने केलिए यह भी आवश्यक है लिए यह भी आवश्यक है कि
योनिस्राव क्षारीय होना चाहिए इसलिए स्त्री का भोजन क्षारप्रधान होना चाहिए।
इसलिए उसे अधिक मात्रा में अपक्वाहार तथा भिगोई हुई मेवा खानी चाहिए।
3) इस रोग से पीड़ित स्त्रियों को अपने इस रोग का इलाज करने के लिए सबसे पहले का इलाज करने के लिए सबसे पहले अपने शरीर से विजातीय द्रव्यों को बाहर
निकालना चाहिए| इसके लिए स्त्री को उपवास रखना चाहिए। इसके बाद उसे 1-2
दिन के बाद कुछ अंतराल पर उपवास करते रहना चाहिए।
4). इस रोग से पीड़ित स्त्रियों को दूध की बजाए दही का इस्तेमाल करना चाहिए।
5. स्त्री को गुनगुने पानी में एक चम्मच शहद एवं नींबू का रस मिलाकर पीना चाहिए।
6) बांझपन को दूर करने के लिए स्त्रियों को विटामिन `सी´तथा `ई´ की मात्रा वाली चीजें जैसे नींबू, संतरा, आंवला, अंकुरित, गेहूं आदि का भोजन में सेवन अधिक करना चाहिए।
7) स्त्रियों को सर्दियों में प्रतिदिन 5-6 कली लहसुन चबाकर दूध पीना चाहिए, इससे स्त्रियों का बांझपन जल्दी ही दूर हो जाता है।
8) जामुन के पत्तों का काढ़ा बनाकर फिर इसको शहद में मिलाकर प्रतिदिन पीने से स्त्रियों को बहुत अधिक लाभ मिलता है।
9) बड़ (बरगद) के पेड़ की जड़ों को छाया में सुखाकर कूटकर छानकर पाउडर बना लें। फिर इसे स्त्रियों के माहवारी समाप्त होने के बाद तीन दिन लगातार रात को दूध के साथ लें। इस क्रिया को तब तक करते रहना चाहिए जब तक कि स्त्री गर्भवती न हो जाय |
10 स्त्री के बांझपन के रोगको ठीक करने के लिए 6 ग्राम सौंफ का चूर्ण घी के साथ तीन महीने तक लेते रहने से स्त्री गर्भधारण करने योग्य हो जाती है।
11) स्त्री के बांझपन के रोग को ठीक करने के लिए उसके पेड़ू पर मिट्टी की गीली पट्टी करनी चाहिए तथा इसके बाद उसे कटिस्नान कराना चाहिए और कुछ दिनों तक उसे कटि लपेट देना चहिए। इसकेबाद स्त्री को गर्म पानी का एनिमा देना चाहिए।

22/10/2015

योनि की कसावट के उपाय :How to tighten vagina walls

स्त्री की योनि के ढीलेपन के कई कारण हो सकते हैं| कुछ स्त्रियॉं मे यह दोष जन्म जात होता है जबकि कुछ मे प्रसव के बाद योनि फ़ेल जाती है| कारण चाहे जो हो योनि के ढीलेपन की वजह से सेक्स करने की उमंग भी कम हो जाती है|
प्रसव के दौरान योनि की मांस पेशियाँ लगातार फैलती हैं और सिकुड़ती हैं बच्चे के पैदा होने की इस प्रक्रिया से योनि पहिले की तरह तंग और चुस्त हालत मे नहीं आ पाती है| अपने साथी के साथ समागम करने के दौरान योनि बार बार फैलती और सिकुड़ती है इससे योनि की लचक ( इलास्टिसिटी ) प्रभावित होती है| इसके अलावा लिंग की प्रविष्ठी मे अत्यधिक ज़ोर लगाने से योनि मुख और भीतरी दीवारें विस्फारित हो जाती हैं| जिससे योनि के लचीलेपन और कसावट को नुकसान हो जाता है|
वैसे तो स्त्री को योनि के ढीलेपन का आभास हो जाता है लेकिन कुछ स्त्रियाँ इससे नावाकिफ रहती हैं| यहाँ कुछ सरल उपाय दिये जाते हैं जिससे योनि की शीथिलता का अनुभव हो सकता है-
दो या अधिक उँगलियाँ योनि मे प्रविष्ट करने पर अगर कोई दर्द या असुविधा मालूम न पड़े तो यह योनि के विस्फारित होने का पक्का सबूत है| अपनी इंडेक्स फिंगर योनि मे प्रवेश करें और योनि की दीवारों का दवाब उंगली पर डालने का उपक्रम करें | अगर उंगली पर योनि की कसावट नहीं हो पाती है तो यह योनि विस्फार का संकेत है|
आपका साथी सेक्स मे रुचि नहीं लेता है और स्त्री को पुरुष के लिंग घर्षण से वास्तविक आनंद का अनुभव नहीं हो पाता है तो यह योनि की कसावट मे भारी गिरावट का प्रमाण है| विस्फारित योनि से सेक्स की संवेदनशीलता घट जाती है | और पुरुष सेक्स के आनंद के चरम (क्लाईमेक्स) को अबुभव नहीं कर पाता है|
इस समस्या के लिए आपको किसी चिकित्सक से मिलने या शल्य क्रिया की जरूरत नहीं है| आप मेरे बताए कुछ उपाय करके विस्फारित योनि और योनि मुख को काफी हद तक पुन: कसावट मे ला सकती हैं|
योनि को कसावट मे लाने का सबसे पापुलर तरीका किगेल एक्सरसाईज़ है| यह कसरत खासकर प्रसव के बाद योनि को पुन: कसावट मे लाने के लिए इस्तेमाल की जाती है| इस कसरत मे स्त्री अपने पेडू की मांसपेशियों को संकुचित करती है और 10 सेकंड के बाद ढीला छोडती है| पेडू की मांसपेशियों को कम से कम 15 बार सिकोड़ें और 10 सेकंड सिकुड़ी हुई हालत मे रखकर फिर ढीला छोड़ें| यह कसरत का एक सेट हुआ | ऐसे चार सेट कसरत रोजाना करना चाहिए| विकल्प के तौर पर मूत्र प्रवाह को 5 सेकंड के लिए रोकें फिर चालू करें | एक बार पेशाब करने मे 3 बार 5 सेकंड तक पेशाब रोकें फिर चालू करें| इससे योनि मे कसावट आने लगती है|




फर्श पर लेट जाएँ अब एक पैर ऊंचा उठाएँ और धीरे धीरे नीचे लाएँ| फिर दूसरा पैर उठाए और नीची लाएँ| पैर सीधा रखें | मुड़ना नहीं चाहिए| यह कसरत 10 मिनिट करना उचित है| दिन मे 5 बार यह व्यायाम करें इससे लूज योनि मे कसावट आती है|
कुछ घरेलू नुस्खे हैं जो योनि की कसावट के लिए उपयोग किए जाते हैं उनका उल्लेख निम्न पंक्तियों मे किया जाता है सावधानी के साथ इस्तेमाल करके आशानुरूप लाभ प्राप्त किया जा सकता है-
ढाक की छाल: ढाक की छाल और गूलर के फल को समान मात्रा में लेकर चूर्ण तैयार कर लें। फिर शहद व तिल का तेल मिलाकर योनि में लेप करने से भी योनि का आकार छोटा होता है।
भांग: भांग को पीसकर छान लें। फिर कपड़े में इसकी पोटली बांधकर योनि में रखने से फैली हुई हुई योनि संकुचित हो जाती है|
दूध: बकरी अथवा गाय के दूध से निर्मित मट्ठे या छाछ से योनि प्रक्षालन करते रहने से योनि का विस्तार कम होकर संकुचित और छोटी हो जाती है|
माजूफल: माजूफल, धाय के फूल और फिटकरी को पीसकर बेर के समान आकार की गोली बनाकर योनि के अन्दर रख लें। इससे योनि मे क्सावट आती है|
बैंगन: सूखे हुए बैंगन को पीसकर महीन पावडर योनि के अंदर लगाने से ढीली योनि संकुचित होकर छोटी हो जाती है।
गैंदा फूल को जलाकर उसकी राख को योनि में रखकर मलना चाहिए। परन्तु ध्यान रखें कि उसे कपड़छन कर लें ताकि कोई हानिकारक पदार्थ न रह जाए।।


03/10/2015

कामेच्छा बढाने के भोजन पदार्थ : Foods to increase libido.

     वियाग्रा आज की सर्वाधिक प्रचलित सेक्सुअल पावर बढाने वाली दवा है लेकिन इससे होने वाले दुष्परिणाम भी बहुत ज्यादा हैं इसलिए यहाँ ऐसे भोजन पदार्थो का जिक्र करेंगे जो वियाग्रा की तरह असर पैदा कर कामेच्छा बढाने में मदद करते है और किसी तरह का कोई नुक्सान भी नहीं होता है|

लहसुन में कामोत्तेजक गुण होते हैं| इससे शरीर में रक्त संचालन सुधरता है | सम्भोग से जुड़े अंगों में रक्त परिवहन बढ़ने से कामेच्छा में इजाफा होता है|

भिन्डी में विटामिन्स और जिंक की मात्रा होती है | जिंक की कमी से सेक्स सम्बन्धी समस्याएँ सामने आती हैं| अत:: भिन्डी का सेवन लाभकारी होता है| भिन्डी के उपयोग से सेक्स परफार्मेंस सुधारा जा सकता है|

चुकंदर में नाइट्रेट होता है जो उत्पादक अंगों में खून का बहाव ठीक करता है| यह ब्लड वेसल्स को फैलाता है| यह शरीर के हारमोंन को भी संतुलित रखने में सहायक है| अत: कामेच्छा में बढ़ोतरी देखी जाती है|
टमाटर में लायकोपिन तत्व होता है जो टमाटर को लाल रंग देता है| यह तत्व कामेच्छा में वृद्धि करता है| यह पुरुषत्व की कमी में भी उपयोगी है| टमाटर प्रोस्टेट केंसर से बचाव में सहायक है|

गाजर में विटामिन ए की मात्रा अधिक होती है| इससे स्पर्म काऊँट में सुधार होता है| गाजर मर्दानगी घटाने वाले कारणों से निपटता है| एक शोध में बताया गया है कि गाजर खाने वाले पुरुष स्त्रियों के आकर्षण का केंद्र होते हैं| |



एक कटोरी पालक सूप पीने से कामेच्छा बढ़ती है | यह सेक्स के अंगों के रक्त प्रवाह में सुधार लाती है|


प्याज कामेच्छा बढाने में बेहद कारगर भोजन पदार्थ है| इसे नियमित खाना अच्छा रहता है| प्याज उत्पादक अंगों की सेहत सुधारता है|


केले का प्रतिदिन सेवन करें। इसमें उपस्थित ब्रोमालिन एंजाइम कामेच्छा को बढाने मे मदद करता है। इसके अलावा केले में उपस्थित पोटााशियम और रिबोफल्विन जैसे अन्य तत्व यौन संबंधों के लिए जरूरी ताकत को बढाते है।



अंजीर को दैनिक भोजन में इस्तेमाल करें, इसमें उपस्थित अमीनो एसिड कामेच्छा के साथ साथ यौन शाक्ति को भी बढाता है।

बादाम में उपस्थित वसा एसिड सेक्स के दौरान यौन उतेजना के बढाने में उपयोगी है।




मखंफल में उपस्थित विटामिन बी 6 और पोटाशियम तथा asparagus (सूत्मुली,मूसली) में उपस्थित विटामिन ई महिलाओं में सेक्स हार्मोन का बढाते हैं|






04/09/2015

मैथुन शक्ति बढाने के उपचार:: How to Increase sexual potency






१) सफेद मूसली -

सालम मिश्री, तालमखाना, सफेद मूसली, कौंच के बीज, गोखरू तथा ईसबगोल-

इन सबको समान मात्रा में मिलाकर बारीक चूर्ण बना लें। इस एक चम्मच चूर्ण में

मिश्री मिलाकर सुबह-शाम दूध के साथ पीना चाहिए। यह वीर्य को ताकतवर बनाता

है तथासेक्स शक्ति में अधिकता लाता है।

२) कौंच का बीज-

100 ग्राम कौंच के बीज और 100 ग्राम तालमखाना को कूट-पीसकर चूर्ण बना लें

फिर इसमें 200 ग्राम मिश्री पीसकर मिला लें। हल्के गर्म दूध में आधा चम्मच चूर्ण


मिलाकर रोजाना इसको पीना चाहिए। इसको पीने से वीर्य गाढ़ा हो जाता है और

नामर्दी दूर होती है।








३) गोखरू -

सूखा आंवला, गोखरू, कौंच के बीज, सफेद मूसली और गुडुची सत्व- इन पांचो

पदार्थों कोसमान मात्रा में लेकर चूर्ण बना लें। एक चम्मच देशी घी और एक

चम्मच मिश्री मेंएक चम्मच चूर्ण मिलाकर रात को सोतेसमय इस मिश्रण को

लें। इसके बाद एक गिलासगर्म दूध पी लें। इस चूर्ण से सेक्स कार्य में अत्यंत

शक्ति आती है।



४) आंवला-


2 चम्मच आंवला के रस में एक छोटा चम्मच सूखे आंवले का चूर्ण तथा एक


चम्मच शुद्ध शहद मिलाकर दिन में दो बार सेवन करना चाहिए। इसके इस्तेमाल


से सेक्स शक्ति धीरे-धीरे बढ़ती चली जाएगी। इस प्रकार की परेशानी में


आंवला बहुत फायदे मंद होता है। अत: प्रतिदिन रात्रि में गिलास में थोड़ा


सा हुआ सुखा आंवले का चूर्ण लें और उसमें पानी भर दें। सुबह


उठने के बाद इस पानी में हल्दी मिलाएं एवं छानकर पीएं। आंवले के चूर्ण


में मिश्री पीसकर मिलाएं। इसके बाद प्रति दिन रात को सोने से पहले


करीब एक चम्मच इस मिश्रित चूर्ण का सेवन करें। इसके बाद थोड़ा सा पानी


पीएं। जिन लोगों को अत्याधिक स्वप्न दोष होने की समस्या है, वे प्रति दिन


आंवले का मुरब्बा खाएं।


५) सेब-

एक सेब में जितनी हो सके उतनी लौंग लगा दीजिए। इसी तरह का एक

अच्छा सा बड़े आकार का नींबू ले लीजिए। इसमें जितनी ज्यादा से ज्यादा हो

सके, लौंग लगाकर दोनों फलों को एक सप्ताह तक किसी बर्तन में ढककर

रख दीजिए। एक सप्ताह बाद दोनों फलों में से लौंग निकालकर अलग-अलग

बोतल में भरकर रख लें।पहले दिन नींबू वाले दो लौंग को बारीक कूटकर बकरी

के दूध के साथ सेवन करें। इस तरह से बदल-बदलकर 40 दिनों तक 2-2 लौंग

खाएं। यह सेक्स क्षमता को बढ़ाने वाला एक बहुत ही सरल उपाय है।






६) अश्वगंधा-

अश्वगंधा का चूर्ण, असगंध तथा बिदारीकंद को 100-100 ग्राम की मात्रा में लेकर

बारीक चूर्ण बना लें। चूर्ण को आधा चम्मच मात्रा में दूध के साथ सुबह और शाम

लेना चाहिए।यह मिश्रण वीर्य को ताकतवर बनाकर शीघ्र पतन की समस्या से

छुटकारा दिलाता है|


७) सोंठ-

4 ग्राम सोंठ, 4 ग्राम सेमल का गोंद, 2 ग्राम अकरकरा, 28 ग्राम पिप्पली तथा

30 ग्राम काले तिल को एक साथ मिलाकर तथा कूटकर बारीक चूर्ण बना लें। रात

को सोते समय आधा चम्मच चूर्ण लेकर ऊपर से एक गिलास गर्म दूध पी लें। यह

रामबाण औषधि शरीर की कमजोरी को दूर करती है और सेक्स शक्ति को बढ़ाती है।



८) अजवायन-


100 ग्राम अजवायन को सफेद प्याज के रस में भिगोकर सुखा लें। सूखने के बाद

उसे फिर से प्याज के रस में गीला करके सुखा लें। इस तरह से तीन बार करें। उसके

बाद इसे कूटकर किसी बोतल में भरकर रख लें। आधा चम्मच इस चूर्ण को एक चम्मच पिसीहुई मिश्री के साथ 

मिलाकर खा जाएं। फिर ऊपर से हल्का गर्म दूध पी लें।करीब-करीब एक महीने तक इस मिश्रण का उपयोग करें। 

इस दौरान संभोग बिल्कुल नहीं करना चाहिए। यह सेक्स क्षमता को बढ़ाने वाला सबसे अच्छा उपाय है


९) छुहारे-


चार-पांच छुहारे, दो-तीन काजू और दो बादाम को 300 ग्राम दूध में खूब अच्छी

तरह से उबालकर तथा पकाकर दो चम्मच मिश्री मिलाकर रोजाना रात को सोते

समय लेना चाहिए। इससे यौन इच्छा और काम- शक्ति बढ़ती है।







१०) 
गाजर-

1 किलो गाजर, चीनी 400 ग्राम, खोआ 250 ग्राम, दूध 500 ग्राम, कद्दूकस

कियाहुआ नारियल 10 ग्राम, किशमिश 10 ग्राम, काजू बारीक कटे हुए 10-15 पीस,

एक चांदी का वर्क और 4 चम्मच देशी घी लें। गाजर को कद्दूकस करके कडा़ही में

डालकर पकाएं। पानी के सूख जाने पर इसमें दूध, खोआ और चीनी डाल

दें तथा इसे चम्मच से चलाते रहें। जब यह सारा मिश्रण गाढ़ा होने को हो तो इसमें

नारियल,किशमिश, बादाम और काजू डाल दें। जब यह गाढ़ा हो जाए तो थाली में

देशी घीलगाकर हलवे को थाली पर निकालें और ऊपर से चांदी का वर्क लगा दें। इस

हलवेको चार-चार चम्मच सुबह और शाम खाकर ऊपर से दूध पीना चाहिए। यह

वीर्यशक्ति बढ़ाकर शरीर को मजबूत रखताहै। इससे सेक्स शक्ति भी बढ़ती है।



११) . इमली-




धा किलो इमली के बीज लेकर उसके दो हिस्से कर दें। इन बीजों को तीन दिनों

तक पानी में भिगोकर रख लें।इसके बाद छिलकों को उतारकर बाहर फेंक दें और

सफेद बीजों को खरल में डालकर पीसें। फिर इसमें आधा किलो पिसी मिश्री मिलाकर

कांच के खुले मुंह वाली एक चौड़ी बोतल में रख लें। आधा चम्मच सुबह और शाम के

समय में दूध के साथ लें। इस तरह से यह उपाय वीर्य के जल्दी गिरने के रोग तथा

संभोग करने की ताकत में बढ़ोतरी करता है।





१२) . चोबचीनी-



100 ग्राम तालमखाने के बीज, 100 ग्राम चोबचीनी, 100 ग्राम ढाक का गोंद,

100 ग्राम मोचरस तथा250 ग्राम मिश्री को कूट-पीसकर चूर्ण बना लें। रोजाना सुबह

के समय एक चम्मच चूर्ण में 4 चम्मच मलाई मिलाकर खाएं। यह मिश्रण यौन रुपी

कमजोरी, नामर्दी तथा वीर्य का जल्दी गिरना जैसे रोग को खत्म कर देता है







१३)

प्याज-

आधा चम्मच सफेद प्याज का रस, आधा चम्मच शहद और आधा चम्मच मिश्री के

चूर्ण को मिलाकर सुबह और शाम सेवन करें। यह मिश्रण वीर्य पतन को दूर करने

के लिए काफीउपयोगी रहता है।सफेद प्याज के रस को अदरक के रस के साथ

मिलाकरशुद्ध शहद तथादेशी घी पांच-पांच ग्राम की मात्रा में लेकर एक साथ मिलाकर

सुबह नियम से एक माह तक सेवन करें और लाभ देखें इससे यौन क्षमता में

अभूतपूर्व वृद्धि देखी जाती है।


१४) जायफल -



15 ग्राम जायफल, 20 ग्राम हिंगुल भस्म, 5 ग्राम अकरकरा और 10 ग्राम केसर को

मिलाकर बारीकपीस लें।इसके बाद इसमें शहद मिलाकर इमाम दस्ते में घोटें। उसके

बाद चने के बराबर छोटी-छोटी गोलियां बना लें। रोजाना रात को सोने से 2 पहले

2 गोलियांगाढ़े दूध के साथ सेवन करें। इससे शिश्न (लिंग) का ढ़ीलापन दूर होता है

तथा नामर्दी दूर हो जाती है।


१५)  इलायची -


इलायची के दानों का चूर्ण 2 ग्राम, जावित्री का चूर्ण 1 ग्राम, बादाम के 5 पीस और


मिश्री10 ग्राम ले लें। बादाम को रात के समय पानी में भिगोकर रख दें। सुबह के वक्त


उसे पीसकरपेस्ट की तरह बना लें। फिर उसमें अन्य पदार्थ मिलाकर तथा दो चम्मच


मक्खन मिलाकर विस्तार रुप से रोजाना सुबह के वक्त इसको सेवन करें। यह वीर्य को


बढ़ाता है तथा शरीर में ताकत लाकर सेक्स शक्ति को बढ़ाता है।


१६) तुलसी-


15 ग्राम तुलसी के बीज और 30 ग्राम सफेद मुसली लेकर चूर्ण बनाएं, फिर उसमें


60 ग्राम मिश्री पीसकर मिला दें और शीशी में भरकर रख दें। 5 ग्राम की मात्रा में





यह चूर्ण सुबह-शाम गाय के दूध के साथ सेवन करें इससे यौन दुर्बलता दूर होती है।


१७)  लहसुन-


200 ग्राम लहसुन पीसकर उसमें 60 मिली शहद मिलाकर एक साफ-सुथरी शीशी

में भरकरढक्कन लगाएं और किसी भी अनाज में 31 दिन के लिए रख दें। 31 दिनों

के बाद 10 ग्रामकी मात्रा में 40 दिनों तक इसको लें। इससे यौन शक्ति बढ़ती है।












१८) हल्दी -


वीर्य अधिक पतला होने पर 1 चम्मच शहद में एक चम्मच हल्दी पाउडर मिलाकर

रोजानासुबह के समय खाली पेट सेवन करना चाहिए। इसका विस्तृत रुप से इस्तेमाल

करने से संभोग करने की शक्ति बढ़ जाती है।

१९). उड़द की दाल -

आधा चम्मच उड़द की दाल और कौंच की दो-तीन कोमल कली को बारीक पीसकर सुबह

तथा शाम को लेना चाहिए। यह उपाय काफी फायदेमंद है। इस नुस्खे को रोजाना लेने

से सेक्स करने की ताकत बढ़ जाती है।





२०) . शंखपुष्पी - 


शंखपुष्पी 100 ग्राम, ब्राह्नी 100 ग्राम, असंगध 50 ग्राम, तज 50 ग्राम, मुलहठी 50 ग्राम,

शतावर 50 ग्राम,विधारा 50 ग्राम तथा शक्कर 450 ग्राम को बारीक कूट-पीसकर चूर्ण

बनाकर एक-एक चम्मच की मात्रा में सुबहऔर शाम को लेना चाहिए। इस चूर्ण को तीन

महीनों तक रोजाना सेवन करने से नाईट-फाल (स्वप्न दोष), वीर्य की कमजोरी तथा

नामर्दी आदि रोग समाप्त होकर सेक्स शक्ति में ताकत आती है।







२१) बरगद -

सूर्यास्त से पहले बरगद के पेड़ से उसके पत्ते तोड़कर उसमें से निकलने वाले दूध की

10-15 बूंदें बताशे पर रखकर खाएं। इसके प्रयोग से आपका वीर्य भी बनेगा और सेक्स

शक्ति भी अधिक हो जाएगी।

२२) पीपल -

पीपल का फल और पीपल की कोमल जड़ को बराबर मात्रा में लेकर चटनी बना लें। इस

2 चम्मच चटनी को 100 मि.ली. दूध तथा 400 मि.ली. पानी में मिलाकर उसे लगभग

चौथाई भाग होने तक पकाएं। फिर उसे छानकर आधा कप सुबह और शाम को पी लें।

इसके इस्तेमाल करने से वीर्य में तथा सेक्स करने की ताकत वृद्धि होती है।

२३) त्रिफला -

एक चम्मच त्रिफला के चूर्ण को रात को सोते समय 5 मुनक्कों के साथ लेना चाहिए

तथा ऊपर से ठंडा पानी पिएं। यह चूर्ण पेट के सभी प्रकार के रोग, स्वप्नदोष तथा वीर्य

का शीघ्र गिरना आदि रोगों को दूर करके शरीर को मजबूती प्रदान करता है।

24/07/2015

पुरुषों में बढ़ रही है नपुंसकता की समस्या

      आजकल की बदलती जीवनशैली के बीच  नपुंसकता  ऐसी समस्या है जिसके मामले लगातार बढ़ रहे हैं। दरअसल, ये बढ़ोत्तरी सही समय पर उपचार ना कराने के कारण भी है।

     महिलाएं ही नहीं पुरुष भी झिझक व हिचकिचाहट की वजह से न तो अपनी यह समस्या किसी से कहते हैं, न ही सही चिकित्सक के पास जाकर इसका इलाज कराते हैं।

'एजुस्पर्मिया' नपुंसकता की एक ऐसी स्थिति है जिसमें पुरुष के शरीर में उचित मात्रा में वीर्य नहीं बन पाता है। विज्ञान ने अब इतनी तरक्की कर ली है कि इस समस्या का उपचार हो सके।

एजुस्पर्मिया होने के कारण

कई शोधों में ये साबित हो चुका है कि पुरुषों में यह समस्या 12 से 20 प्रतिशत तक बढ़ी है। वीर्य कम होने की समस्या के पीछे कई कारण हो सकते हैं-

- फोलीक्यूलर स्टूमुलेटिंग हार्मोन का कम होना

- अनुवांशिक कारण

- कई बार कीमोथेरेपी या रेडियोथेरेपी भी एक कारण है
- गलत जीवनशैली, खानपान में गड़बड़ी, तनाव

इस समस्या की पहचान के लिए सीमन का टेस्ट, ब्लड टेस्ट, ट्रांसरीटल अल्ट्रासाउंड, टीएसएच व एलएच टेस्ट जैसे कई तरीकों की मदद ली जाती है। इन टेस्टों की में समस्या के अनुरूप उसका इलाज आसानी से किया जा सकता है।


क्या इलाज भी है संभव-

होम्योपैथिक चिकित्सक की मानें तो जिस तरह पोषक तत्वों की कमी को सप्लीमेंट से दूर ‌की जा सकती है वैसे ही होम्योपैथिक में भी इसका इलाज मौजूद है।

हालांकि एलोपैथी में भी इसका प्रभावी उपचार मौजूद है लेकिन कई मामले ऐसे भी होते हैं जिसमें इलाज के दौरान साइड इफेक्ट भी बहुत होते हैं।

06/07/2015

जेतून के तेल से बढ़ती है फर्टिलिटी



हाल में हुए शोध में प्रजनन क्षमता बढ़ाने के लिए डाइट में खास तरह के बदलाव को फायदेमंद माना है। 

यूनिवर्सिटी ऑफ साउथ हैंपटन के शोधकर्ताओं ने अपने अध्ययन में माना है कि ऑलिव ऑयल से बनी डाइट के सेवन से प्रजनन दर 40 प्रतिशत तक बढ़ सकती है।

शोधकर्ताओं ने छह हफ्तों तक 100 जोड़ों को आईवीएफ ट्रीटमेंट के दौरान ऑलिव ऑयल से बनी डाइट का सेवन कराकर यह शोध किया है।



उनका मानना है कि ऑलिव ऑयल युक्त डाइट के सेवन से भ्रूण का विकास तेजी से होता है और गर्भावस्था के दौरान जच्चा-बच्चा अधिक सेहतमंद रहते हैं।

04/07/2015

मर्दानगी (पौरुष) घटने के कारण

आजकल की भाग दौड़ भारी जिंदगी  का लोगों की प्रजनन  शक्ति पर  विपरीत  असर  हो रहा है| यहाँ  यह बताना जरूरी है कि वे कौन सी चीजें हैं जिनके  चलते  लोगों का पोरुष घटता  जा रहा है|
*जांघों पर लेपटाप  रखने से पुरुष के शुक्राणुओं की  गुणवत्ता   पर विपरीत प्रभाव होता है| और पुरुष नपुंसकता की गिरफ्त मे आ जाता है| 

*महिलाओं और पुरुषों मे मोटापा बढ़ने से  प्रजनन शक्ति कमजोर हो जाती है|  किसी भी तरह मोटापा कम करना जरूरी है| 

*धूम्र पान करने वाले  10 से 40 % पुरुष नपुंसकता के शिकार हो सकते हैं| इनके स्पर्म की क्वालिटी  निम्न  स्तर की होती है| 

*टाईट  अंडर गार्मेंट्स  भी स्पर्म की क्वालिटी  बिगाड़ सकते हैं| 

*मोबाईल भी मर्दों को नपुंसक  बनाने  मे सफल हो रहा है| 

02/07/2015

लिंग वर्धक उपाय : penis enlargement exercises.




        शरीर की नकारात्मक छबि से सिर्फ महिलाएं ही नहीं बल्कि पुरुष भी ग्रसित रहते हैं। पुरुषों में हीन भावना की जो सबसे आम समस्या है वह अपनी कामेन्द्रिय के आकार को लेकर चिंतित रहना। अगर आप भी इस परेशानी से पीड़ित हैं तो चिंता की कोई बात नहीं है आप निम्न टिप्स पर ध्यान  देकर कुदरती तौर पर अपने लिंग की साईज़ बढ़ा सकते हैं|

**.धूम्र पान त्यागें क्योंकि बीड़ी सिगरेट का धुंवा धमनियों को ब्लॉक कर देता हैं जिससे शरीर के सभी हिस्सों तक पर्याप्त मात्रा में रक्त नहीं पहुंच पाता और शरीर का ठीक से विकास नहीं हो पाता। यही बात शरीर के दूसरे हिस्से के साथ लिंग पर भी लागू होती है। इसलिए धूम्र पान करना बंद कर दें।

** नियमित व्यायाम करें: सिर्फ मजबूत मसल्स और वेट कम करने के लिए ही जिम जाने की वजह नहीं होती। अगर आप अपने लिंग का साइज बढ़ाना चाहते हैं तो जिम जाइए, जिससे धमनियां का रास्ता साफ हो और रक्त संचार  भी ठीक ढंग से हो।

** हाई कैलरी के खाने को ना कहें: ज्यादा फैट और कैलरी वाले खाने से न सिर्फ दिल की बीमारियों का खरता बढ़ जता है बल्कि पेनिस के छोटे होने का भी खतरा रहता है। ऐक्ससार्इज और शारीरिक मेहनत न करने पर आपके धमनियों में कोलेस्ट्रॉल बढ़ने का भी खतरा रहता है, जिससे आपके लिंग में रक्त  संचार  कम हो सकता है। इसलिए मोटे और स्वस्थ लिंग  के लिए जंक फूड  वर्जित  है|

** ज्यादा सब्जियां और फल खाएं: उन फलों और सब्जियों को खाएं जिनमें ऐंटि-ऑक्सिडेंट ज्यादा हो। यह कंपाउंड धमनियों में मौजूद फ्री रेडिकल्स से लड़ता है और धमनियों को मजबूत बनाता है। इसलिए ऐंटिऑक्सिडेंट से भरपूर फल और सब्जियों के सेवन से आप अपने लिंग की साइज बढ़ा सकते हैं।

वात्स्यायन ने लिंग के आकार के आधार पर पुरुष को तीन वर्ग में बांटा है

1. शश (खरगोश के समान छोटे व पतले लिंग वाला)


2. वृष (बैल के समान लंबाई व मोटाई में मंझोले लिंग वाला)


3. अश्व (घोड़े के समान लंबे और मोटे लिंग वाला)
 
योनी के आकार व गहराई के- आधार पर स्त्रियों को भी तीन श्रेणियों में रखा गया है


1. मृगी (हिरनी के समान उथली योनि वाली)


2. बड़वा (घोड़ी के समान मझोली गहराई की योनि वाली)


3. हस्तिनी (हथिनी के समान गहरी योनि वाली)


लिंग का आकार बढ़ाने वाले व्यायाम-

 **कोई भी लिंग वृद्धि  कसरत करने के के पहिले  एक टावेल गरम पानी मे भिगोएँ फिर  निचोड कर  पानी निकाल दें   इस टावेल को लिंग  पर लपेटें } इस प्रक्रिया से लिंग मे रक्त संचार  मे वृद्धि  होती है|

**लिंगमुंड को मजबूती से पकड़ें  लेकिन  इतना  ज्यादा भी नहीं कि दर्द महसूस होने लगे  या रक्त संचार ही रुक जाए|अब इसे  अपने सामने की तरफ  खींचें ,खींचते वक्त पर्याप्त  दवाब  डालें |इस अवस्था मे 10 से 30 सेकंड रखें  फिर छोड़ दें | कुछ समय विश्राम करने के बाद  पुन: यह प्रक्रिया  करें|  आपको यह रोजाना  5-10 मिनिट करना है| यह लिंग-कसरत  ऊपर पेट की ओर  नीचे  जंघाओं  के बीच तथा दायें ओर बाएँ  तरफ  करना है| समय  5 से 10 मिनिट |




जेलकिंग   प्रक्रिया  शुरू करने से पूर्व  लिंग को वार्म अप  करना जरूरी होता है |  वैसे तो वार्म अप के और भी तरीके हैं लेकिन  जो मैं बता रहा हूँ ,सबसे सरल और सुविधा जनक है|   एक छोटे टावेल को गरम पानी मे  डुबाकर  निकालें  और निचोड़ कर पानी निकाल दें | इस गरम टावेल से  लिंग को भली भांति  लपेटें \ समय पाँच मिनिट| यह वार्म अप प्रक्रिया हुई|  ध्यान रहे अंडकोश  पर गर्मी ना लगे | अब  तुरंत  ही जेलकिंग कसरत  शुरू करना है| यह कसरत  जैसे  गाय  या भेंस का दूध दुहते हैं ,उससे मिलती जुलती है|  लिंग  50 से 75 प्रतिशत   तक तनाव युक्त रखना है | इससे  अधिक तनाव  होने पर डिस्चार्ज  की संभावना  बन जाती है| लिंग पर वेसलिन या खोपरे का तेल  लगालें | अब अंगूठे  और  पॉइंटर  उंगली  जोड़कर ओके का चिन्ह  का ग्रिप  बनाएँ | यह ग्रिप  लिंग के मूल पर प्रयुक्त करें  और दवाब लगाते हुए आगे  फिसलाते जाएँ | लिंग की सुपारी   से आधा इंच पहिले ग्रिप ढीली कर दें | जब यह प्रक्रिया आप  दाहिने हाथ से कर  रहें है तो  इसके पीछे  बाएँ हाथ  से ग्रिप लगाकर दवाब के साथ आगे फिसलाते जाएँ | फिर दायें हाथ से फिर बाएँ हाथ से लगातार  जारी रखें   | ग्रिप मजबूत  होना जरूरी है ताकि लिंग के चेम्बर  मे ज्यादा  खून  भरता रहे | लेकिन  पकड़ इतनी भी शक्तिशाली ना हो कि  तकलीफ महसूस होने लगे| | एक बार  मे 100 जेल्क  करें|  बाद मे संख्या बढ़ाते जाएँ 200  तक ले जाएँ|  अगर ज्यादा उत्तेजना से वीर्य  छुटने जैसा मालूम पड़े तो प्रक्रिया रोक कर कुछ समय  विश्राम करें|  हफ्ते  मे  5 दिन  करें| इस लिंगवर्धक  उपाय  से  साईज़ 1 से 2 ईंच तक बढ़ जाती है|  लिंग पुष्ट और  ज्यादा आक्रामक बनता है|अच्छे परिणाम  6 माह से एक साल मे दिखाई  देंगे|
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